रोड रनिंग से ट्रेल पर कैसे आएँ
ट्रेल रनिंग में वही फ़िटनेस लगती है जो रोड रनिंग में, लेकिन टखनों, जाँघों, बैलेंस और ध्यान पर ज़्यादा ज़ोर पड़ता है। ट्रेल पर प्रति किलोमीटर साफ़ तौर पर धीमे दौड़ेंगे, इसलिए सेशन दूरी और पेस से नहीं, समय और चढ़ाई से तय करें।
- हफ़्ते में एक ट्रेल रन से शुरू करें, आसान और दौड़ने लायक रास्ते पर; टखने ढल जाएँ तो दूसरा जोड़ें।
- खड़ी चढ़ाई पर चलें। बहुत खड़ी ज़मीन पर अच्छी पावर हाइकिंग दौड़ने से तेज़ भी है और कम थकाती भी है।
- क़दम छोटे रखें और पैरों की बजाय 2–3 मीटर आगे देखें।
चढ़ाई और ढलान की ट्रेनिंग
- हिल रिपीट: 60–90 सेकंड की चढ़ाई के 6–10 हिस्से मुश्किल मेहनत पर, नीचे चलकर या जॉगिंग करके लौटें।
- ढलान की प्रैक्टिस: छोटे, तेज़ क़दम, बैलेंस के लिए हाथ बाहर, वज़न थोड़ा आगे। धीरे से शुरू करें: अगले दिन सबसे ज़्यादा दर्द ढलान पर दौड़ने से होता है।
- उतराई के लिए ताक़त: धीमे स्टेप-डाउन, स्प्लिट स्क्वैट और लंज जाँघों को लंबी उतराई के लिए तैयार करते हैं।
- टखने और बैलेंस: एक पैर पर बैलेंस, काफ़ रेज़ और हल्की कूद से टखना मुड़ने का ख़तरा कम होता है।
सह्याद्रि और पश्चिमी घाट के ट्रेल पर सुरक्षित दौड़ें
सह्याद्रि और पश्चिमी घाट में भारत की कुछ सबसे बेहतरीन ट्रेल रनिंग है, और मानसून इन्हें एक साथ ख़ूबसूरत और मुश्किल दोनों बना देता है।
- गहरे लग (ग्रिप) वाले ट्रेल जूते पहनें; रोड वाले जूते गीली चट्टान और कीचड़ पर फिसलते हैं।
- तेज़ बारिश के बाद नाले पार करने और झरनों वाले रास्तों से बचें; पानी का स्तर जल्दी बढ़ सकता है।
- किसी साथी के साथ दौड़ें या किसी को अपना रास्ता बताकर जाएँ, फ़ोन साथ रखें और रूट ऑफ़लाइन डाउनलोड कर लें।
- लंबे रन पर पानी, इलेक्ट्रोलाइट और हल्की रेन जैकेट रखें।
- स्थानीय नियम देखें: कुछ क़िलों और जंगल वाले इलाक़ों में मानसून के दौरान जाने पर रोक होती है।
ट्रेल रनिंग का सामान
- अच्छी पकड़ और पैर के नीचे थोड़ी सुरक्षा वाले ट्रेल जूते।
- एक घंटे से लंबे रन पर पानी और खाने के लिए रनिंग वेस्ट या बेल्ट।
- लंबी, खड़ी रेस के लिए पोल, अगर नियम इजाज़त दें।
- जल्दी शुरू होने वाले रन और रात तक चलने वाली रेस के लिए हेडटॉर्च।
यह ट्रेनिंग की सामान्य जानकारी है, डॉक्टरी सलाह नहीं। ट्रेल के हालात जल्दी बदलते हैं; जाने से पहले मौसम और स्थानीय नियम देख लें।