हाफ मैराथन ट्रेनिंग प्लान

जो रनर पहले से आराम से 5 किमी दौड़ लेते हैं, उन्हें हाफ मैराथन (21.1 किमी) की तैयारी के लिए आम तौर पर 9 से 12 हफ़्ते चाहिए। अच्छा प्लान लॉन्ग रन को धीरे-धीरे बढ़ाता है, आसान रनिंग के साथ हफ़्ते में एक-दो क्वालिटी सेशन रखता है, और आख़िरी 7 से 10 दिनों में टेपर करता है।

भारत में रेस के हालात की अपनी चुनौतियाँ हैं: समुद्र किनारे की रेस में गर्मी और उमस, उत्तर भारत की सर्दियों में प्रदूषण, और सुबह-सुबह का स्टार्ट। उसी समय ट्रेनिंग करें जिस समय रेस होगी, और लॉन्ग रन पर पानी और फ़्यूलिंग की प्रैक्टिस करें।

समझ नहीं आ रहा कहाँ से शुरू करें? मुफ़्त रेडीनेस टेस्ट दें
आम प्लान
9–12 हफ़्ते
हफ़्ते में रन
3–5
सबसे लंबा रन
16–22 किमी
टेपर
7–10 दिन

फ़िटनेस लेवल के हिसाब से प्लान

रेस के हिसाब से बने प्लान

हाफ मैराथन की तैयारी में कितना समय लगता है?

यह इस पर निर्भर करता है कि आप कहाँ से शुरू कर रहे हैं। हाफ मैराथन 21.1 किमी की होती है, और ज़्यादातर प्लान मानकर चलते हैं कि आप बिना रुके लगभग 5 किमी दौड़ लेते हैं। वहाँ से ज़्यादातर लोगों के लिए 9 से 12 हफ़्ते काफ़ी हैं। अगर बिल्कुल शुरुआत से कर रहे हैं, तो पहले रनिंग का बेस बनाएँ: पहली हाफ मैराथन दौड़ने वालों में चोट की सबसे आम वजह लॉन्ग रन को जल्दबाज़ी में बढ़ाना है।

आप अभी कहाँ हैंप्लान कितना लंबा होकिस पर ध्यान दें
अभी दौड़ना शुरू नहीं किया16–20 हफ़्तेपहले रन-वॉक प्लान से 30 मिनट लगातार दौड़ना, फिर 5K, फिर हाफ मैराथन का प्लान
लगातार 5 किमी दौड़ लेते हैं10–12 हफ़्तेलॉन्ग रन धीरे-धीरे बढ़ाएँ, ज़्यादातर रन आसान रखें
नियमित 10 किमी दौड़ते हैं8–10 हफ़्तेलॉन्ग रन 18–20 किमी तक, साथ में हफ़्ते में एक टेम्पो सेशन
अनुभवी हैं, पर्सनल बेस्ट चाहिए12 हफ़्तेथ्रेशोल्ड और इंटरवल, रेस-पेस वाले लॉन्ग रन

हाफ मैराथन ट्रेनिंग का एक हफ़्ता कैसा दिखता है

हर अच्छा प्लान इन्हीं चीज़ों से बनता है: ज़्यादातर आसान रनिंग, एक लॉन्ग रन, एक या दो मुश्किल सेशन, आराम और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग। लेवल बदलने पर बस कुल दूरी और उसमें तेज़ हिस्से का अनुपात बदलता है।

लेवलहफ़्ते में रनसाप्ताहिक दूरी (पीक)क्वालिटी सेशनसबसे लंबा रन
बिगिनर3–425–35 किमीस्ट्राइड्स या छोटा टेम्पो16–18 किमी
इंटरमीडिएट4–535–50 किमी1 (टेम्पो या इंटरवल)18–20 किमी
एडवांस्ड5–650–70 किमी2 (थ्रेशोल्ड + इंटरवल)20–24 किमी, रेस-पेस के हिस्सों के साथ
  • ईज़ी रन: इतनी रफ़्तार कि बात करते हुए दौड़ सकें। हफ़्ते की लगभग 80% रनिंग आसान लगनी चाहिए, चाहे वह आपको बहुत धीमी लगे।
  • लॉन्ग रन: हफ़्ते में एक बार, हर बार 1–2 किमी बढ़ाकर, और हर तीसरे या चौथे हफ़्ते एक हल्का "कटबैक" हफ़्ता।
  • टेम्पो रन: 15–30 मिनट "थोड़ा मुश्किल पर संभलने लायक" मेहनत पर, यानी लगभग वह पेस जिसे आप एक घंटे तक बनाए रख सकें।
  • इंटरवल: जैसे लगभग 10K पेस पर 1-1 किमी के 5–6 हिस्से, बीच में 2 मिनट आसान जॉगिंग।
  • स्ट्रेंथ: हफ़्ते में दो छोटे सेशन (स्क्वैट, लंज, स्टेप-अप, काफ़ रेज़, प्लैंक)। आख़िरी 5 किमी मज़बूत पैर और कोर ही पार कराते हैं।
  • आराम: हफ़्ते में कम से कम एक दिन पूरा आराम। शरीर रिकवरी के दौरान ही मज़बूत होता है।

हाफ मैराथन पेस चार्ट

इस चार्ट से लक्ष्य समय को प्रति किलोमीटर पेस और बीच के स्प्लिट में बदलें। लक्ष्य किसी हाल की रेस या टाइम ट्रायल से तय करें, उम्मीद के अंदाज़े से नहीं: 10K के समय को लगभग 2.2 से गुणा करने पर हाफ मैराथन का ठीक-ठाक अंदाज़ा मिल जाता है।

पूरे 21.1 किमी के लिए एक-सा पेस। गर्मी या उमस में उतनी ही मेहनत पर पेस इससे धीमा रहेगा।
लक्ष्य समयपेस (प्रति किमी)5 किमी पर10 किमी पर15 किमी पर
1 घंटे 30 मिनट4:16 /km21:2042:401:03:59
1 घंटे 45 मिनट4:59 /km24:5349:461:14:39
2 घंटे5:41 /km28:2656:531:25:19
2 घंटे 15 मिनट6:24 /km32:001:03:591:35:59
2 घंटे 30 मिनट7:07 /km35:331:11:061:46:39
2 घंटे 45 मिनट7:49 /km39:061:18:121:57:19
3 घंटे8:32 /km42:401:25:192:07:59

भारतीय मौसम में हाफ मैराथन की ट्रेनिंग

भारत की ज़्यादातर रोड रेस अक्टूबर से फ़रवरी के बीच होती हैं, जब मौसम ठंडा होता है। यानी ज़्यादातर ट्रेनिंग मानसून और सर्दी की शुरुआत में होती है। तीन चीज़ों के लिए तैयार रहें:

  • गर्मी और उमस: जल्दी दौड़ें (ज़्यादातर शहरों में सुबह 7 बजे से पहले), उमस वाले दिनों में पेस धीमा करें और घड़ी की जगह साँस या हार्ट रेट से मेहनत आँकें। मुंबई जैसी समुद्र किनारे की रेस में जनवरी में भी उमस रहती है।
  • हवा की गुणवत्ता: मुश्किल सेशन से पहले AQI देखें, ख़ासकर उत्तर भारत में नवंबर से जनवरी तक। CPCB स्केल पर "ख़राब" (201–300) या उससे बुरे दिनों में इंटरवल इनडोर या ट्रेडमिल पर करें, या उनकी जगह आसान सेशन कर लें।
  • मानसून: गीली सड़कों और ट्रेल के लिए अच्छी पकड़ वाले जूते, रगड़ से बचाने वाला बाम और दूर से दिखने वाले कपड़े रखें। पानी भरी सड़क पर लॉन्ग रन छोड़ने की बजाय उसे ट्रेडमिल या छत वाले ट्रैक पर कर लें।

फ़्यूलिंग और पानी

ज़्यादातर रनर हाफ मैराथन 1.5 से 3 घंटे में पूरी करते हैं, इतना समय कि खाना-पानी मायने रखने लगता है। अपना प्लान लॉन्ग रन पर आज़माएँ, ताकि रेस-डे पर कोई सरप्राइज़ न हो।

  • कार्बोहाइड्रेट: लगभग एक घंटे की रनिंग के बाद हर घंटे 30–60 ग्राम, जैसे हर 30–45 मिनट में एक जेल। 1:45 से कम में दौड़ने वाले कई रनर को रेस में बहुत कम या कुछ भी नहीं चाहिए होता।
  • पानी: प्यास के हिसाब से पिएँ और कोशिश करें कि शरीर का वज़न लगभग 2% से ज़्यादा न घटे। गर्म, उमस वाले मौसम में यह लगभग 400–800 मिली प्रति घंटा हो सकता है; लॉन्ग रन से पहले और बाद में वज़न लेकर अपना पसीने का अनुपात जानें।
  • इलेक्ट्रोलाइट: उमस में पसीने के साथ बहुत सोडियम निकलता है। एक घंटे से लंबे रन पर इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक या टैबलेट मदद करती है।
  • रेस की सुबह: स्टार्ट से 2–3 घंटे पहले जाना-पहचाना, कार्बोहाइड्रेट वाला नाश्ता करें, जैसे पोहा, इडली, केले के साथ टोस्ट या ओट्स।
  • रेस-डे पर कुछ नया नहीं: न नए जूते, न नया जेल, न नया नाश्ता।

टेपर और रेस वाला हफ़्ता

आख़िरी 7–10 दिनों में ट्रेनिंग की मात्रा लगभग 30–50% घटाएँ, पर कुछ छोटे रेस-पेस रन जारी रखें ताकि पैर तेज़ बने रहें। ज़्यादा सोएँ, खाना जाना-पहचाना रखें और रेस का सामान एक रात पहले तैयार कर लें।

रेस-डे पर पहले 2–3 किमी गोल पेस से धीमे दौड़ें। दूसरे हाफ़ में मुश्किल झेलने वाले ज़्यादातर रनर ने शुरुआत बहुत तेज़ की थी, अक्सर स्टार्ट पर भीड़ के जोश में।

हाफ मैराथन की ट्रेनिंग में आम ग़लतियाँ

  • साप्ताहिक दूरी बहुत तेज़ी से बढ़ाना। आम नियम है: हफ़्ते में लगभग 10% से ज़्यादा नहीं।
  • हर सेशन बहुत तेज़ दौड़ना, जिससे ज़रूरी रन के लिए थकान बची रह जाती है।
  • स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और मोबिलिटी छोड़ देना।
  • ऐसे दर्द को नज़रअंदाज़ करना जो आपके दौड़ने का तरीक़ा बदल दे। 2–3 दिन आराम करें, और दर्द बना रहे तो फ़िज़ियोथेरेपिस्ट को दिखाएँ।
  • लॉन्ग रन पर खाने-पानी की प्रैक्टिस न करना।

यह गाइड ट्रेनिंग की सामान्य जानकारी देती है, डॉक्टरी सलाह नहीं। अगर आपको दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर या कोई चोट है, या आपने लंबे समय से व्यायाम नहीं किया है, तो ट्रेनिंग प्लान शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

अपना पेस निकालें

लक्ष्य समय से रेस पेस निकालें, या हाल की किसी रेस से अपने ईज़ी, थ्रेशोल्ड और इंटरवल पेस जानें।

भारत में आने वाली रेस

पूरा रेस कैलेंडर देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या एक बिगिनर 8 हफ़्ते में हाफ मैराथन की तैयारी कर सकता है?

+

सिर्फ़ तब, जब आप पहले से आराम से 8–10 किमी दौड़ लेते हों। अगर लगभग 5 किमी दौड़ पाते हैं तो 10–12 हफ़्ते रखें; अगर अभी दौड़ना शुरू नहीं किया है तो 16–20 हफ़्ते, ताकि लॉन्ग रन शुरू होने से पहले बेस बन सके।

हाफ मैराथन के लिए हफ़्ते में कितने किलोमीटर दौड़ना चाहिए?

+

बिगिनर आम तौर पर हफ़्ते के 25–35 किमी पर पीक करते हैं, इंटरमीडिएट रनर 35–50 किमी पर और एडवांस्ड रनर 50–70 किमी पर। किसी एक बड़े हफ़्ते से ज़्यादा ज़रूरी है कई हफ़्तों तक लगातार दौड़ना।

पहली हाफ मैराथन के लिए अच्छा समय क्या है?

+

पहली बार दौड़ने वाले कई लोग 2 से 3 घंटे के बीच फ़िनिश करते हैं। पहली हाफ मैराथन को मज़बूती से पूरी करने का लक्ष्य रखें, और टाइम का लक्ष्य दूसरी रेस से तय करें।

क्या हाफ मैराथन में बीच में चलना ठीक है?

+

हाँ। सोच-समझकर लिए गए वॉक ब्रेक, जैसे हर एड स्टेशन पर थोड़ा चलना, एक सही रणनीति है और अक्सर तब तक दौड़ने से बेहतर टाइम देती है जब तक मजबूरी में रुकना न पड़े।

ट्रेनिंग में सबसे लंबा रन कितना होना चाहिए?

+

ज़्यादातर प्लान 16–20 किमी पर पीक करते हैं। रेस-डे का जोश और टेपर आख़िरी कुछ किलोमीटर पार करा देते हैं; ज़्यादातर रनर को ट्रेनिंग में पूरे 21.1 किमी दौड़ने की ज़रूरत नहीं।

भारत में हाफ मैराथन का सीज़न कब होता है?

+

भारत की ज़्यादातर बड़ी रोड रेस अक्टूबर से फ़रवरी के बीच होती हैं, जब तापमान कम होता है। आने वाली हाफ मैराथन के लिए इस पेज का रेस कैलेंडर देखें और चुनी हुई रेस से 9–12 हफ़्ते पहले अपना प्लान शुरू करें।

दूसरे रनिंग लक्ष्य