मैराथन ट्रेनिंग प्लान

फ़ुल मैराथन (42.2 किमी) की तैयारी में आम तौर पर 12 से 20 हफ़्ते की व्यवस्थित ट्रेनिंग लगती है, और यह एक मज़बूत रनिंग बेस के ऊपर होती है। हर प्लान का केंद्र हफ़्ते का लॉन्ग रन है, जो धीरे-धीरे 30 से 32 किमी तक जाता है। साथ में आसान माइलेज, मैराथन-पेस वाले रन और आख़िर में 2 से 3 हफ़्ते का टेपर होता है।

रूट और मौसम का बड़ा फ़र्क़ पड़ता है: मुंबई जैसे समतल, समुद्र किनारे वाले रूट पर उमस में दौड़ने और फ़्यूलिंग की प्रैक्टिस काम आती है, जबकि चढ़ाई वाले रूट के लिए स्ट्रेंथ और अपहिल ट्रेनिंग चाहिए। नीचे दिए रेस-स्पेसिफ़िक प्लान हर रेस के रूट के हिसाब से बने हैं।

समझ नहीं आ रहा कहाँ से शुरू करें? मुफ़्त रेडीनेस टेस्ट दें
आम प्लान
12–20 हफ़्ते
हफ़्ते में रन
4–6
सबसे लंबा रन
30–32 किमी
टेपर
2–3 हफ़्ते

फ़िटनेस लेवल के हिसाब से प्लान

रेस के हिसाब से बने प्लान

मैराथन की तैयारी में कितना समय लगता है?

फ़ुल मैराथन 42.2 किमी की होती है और इसकी असली ट्रेनिंग आम तौर पर 12 से 20 हफ़्ते चलती है। यह तब, जब आपका बेस पहले से बना हो: आदर्श रूप से आपने एक हाफ मैराथन दौड़ी हो, या कम से कम दो-तीन महीने से आराम से हफ़्ते में 25–30 किमी दौड़ रहे हों। यह बेस नहीं है तो पहले हाफ मैराथन करें।

आप अभी कहाँ हैंप्लान कितना लंबा होध्यान रखें
नियमित 10 किमी दौड़ते हैं, हाफ मैराथन अभी नहीं की20+ हफ़्तेपहले हाफ मैराथन का प्लान करें, फिर मैराथन की ट्रेनिंग
एक हाफ मैराथन पूरी कर चुके हैं16–20 हफ़्तेहफ़्ते की दूरी और लॉन्ग रन धीरे-धीरे बढ़ाएँ
पहले मैराथन दौड़ चुके हैं12–16 हफ़्तेमैराथन-पेस वाले रन और ज़्यादा माइलेज वाला पीक हफ़्ता जोड़ें
अनुभवी हैं, किसी टाइम का लक्ष्य है12–16 हफ़्तेथ्रेशोल्ड सेशन, और लॉन्ग रन में रेस-पेस के हिस्से

मैराथन प्लान के चार चरण

ज़्यादातर प्लान इन्हीं चार चरणों में चलते हैं। आप किस चरण में हैं, यह पता हो तो समझ आता है कि कोई हफ़्ता हल्का और कोई भारी क्यों लगता है।

चरणआम तौर परक्या करते हैं
बेसपहले 4–6 हफ़्तेज़्यादातर ईज़ी रन, लॉन्ग रन 16–20 किमी तक, स्ट्राइड्स और स्ट्रेंथ
बिल्डबीच के 4–6 हफ़्तेहर हफ़्ते एक थ्रेशोल्ड या टेम्पो सेशन, मैराथन-पेस के हिस्से, लॉन्ग रन 26–28 किमी तक
पीक2–3 हफ़्तेसबसे ज़्यादा साप्ताहिक दूरी, 30–32 किमी का लॉन्ग रन, सबसे लंबे रेस-पेस हिस्से
टेपरआख़िरी 2–3 हफ़्तेहर हफ़्ते दूरी 20–40% कम, छोटे रेस-पेस रन बनाए रखें, आराम

हफ़्ते की दूरी और ज़रूरी सेशन

लेवलहफ़्ते में रनपीक साप्ताहिक दूरीसबसे लंबा रन
पहली मैराथन440–55 किमी30 किमी
इंटरमीडिएट555–75 किमी30–32 किमी
एडवांस्ड5–675–100+ किमी32–35 किमी, रेस-पेस के हिस्सों के साथ
  • लॉन्ग रन हफ़्ते का सबसे अहम रन है। इसका ज़्यादातर हिस्सा आराम से दौड़ें; प्लान के बाद के हफ़्तों में कुछ लॉन्ग रन के आख़िरी 5–10 किमी अपने मैराथन गोल पेस पर ख़त्म करें।
  • लॉन्ग रन लगभग 3 घंटे तक ही रखें। इससे ज़्यादा दौड़ने पर रिकवरी की क़ीमत फ़ायदे से बड़ी हो जाती है, इसीलिए प्लान पूरी दूरी तक नहीं, 30–32 किमी पर पीक करते हैं।
  • थ्रेशोल्ड या टेम्पो सेशन, जैसे 10-10 मिनट के 2–3 हिस्से "थोड़ा मुश्किल पर संभलने लायक" पेस पर, उस पेस को बढ़ाते हैं जिसे आप लंबे समय तक बनाए रख सकते हैं।
  • बाक़ी ज़्यादातर दूरी ईज़ी रन से पूरी होती है। इन्हें सच में आसान रखें।
  • बेस और बिल्ड चरण में हफ़्ते में दो बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, टेपर में एक बार।

मैराथन पेस चार्ट

लक्ष्य समय हाल की किसी हाफ मैराथन से तय करें: अच्छी ट्रेनिंग वाले रनर के लिए हाफ मैराथन के समय को लगभग 2.1 से गुणा करने पर मैराथन का सही अंदाज़ा मिलता है। पहली मैराथन हो तो इससे कुछ ज़्यादा समय मानकर चलें।

42.2 किमी के लिए एक-सा पेस। गर्म या उमस भरे रेस-डे पर पेस धीमा रखें और आख़िरी 10 किमी के लिए ताक़त बचाकर रखें।
लक्ष्य समयपेस (प्रति किमी)10 किमी पर21.1 किमी पर30 किमी पर
3 घंटे4:16 /km42:401:30:012:07:59
3 घंटे 30 मिनट4:59 /km49:461:45:012:29:18
4 घंटे5:41 /km56:532:00:012:50:38
4 घंटे 30 मिनट6:24 /km1:03:592:15:013:11:58
5 घंटे7:07 /km1:11:062:30:013:33:18
5 घंटे 30 मिनट7:49 /km1:18:122:45:013:54:37
6 घंटे8:32 /km1:25:193:00:014:15:57

फ़्यूलिंग: "वॉल" से कैसे बचें

"वॉल से टकराना", जो आम तौर पर 30 किमी के बाद होता है, तब होता है जब शरीर में जमा कार्बोहाइड्रेट ख़त्म होने लगता है। सही फ़्यूलिंग इसे टालती है या रोक देती है, और इसकी प्रैक्टिस ट्रेनिंग में ही करनी पड़ती है।

  • रेस के दौरान हर घंटे लगभग 60–90 ग्राम कार्बोहाइड्रेट का लक्ष्य रखें, जैसे हर 25–40 मिनट में एक जेल और साथ में स्पोर्ट्स ड्रिंक। हर लॉन्ग रन पर फ़्यूलिंग करके पेट को इसकी आदत डालें।
  • रेस से 1–2 दिन पहले कार्ब-लोड करें: आराम करते हुए हर खाने में चावल, रोटी, आलू, पास्ता या फल को मुख्य हिस्सा बनाएँ। कुल खाना बहुत ज़्यादा बढ़ाने की ज़रूरत नहीं।
  • प्यास के हिसाब से पानी पिएँ और इलेक्ट्रोलाइट लें। उमस वाली रेस में सोडियम उतना ही ज़रूरी है जितना पानी।
  • स्टार्ट से 2–3 घंटे पहले वही नाश्ता करें जिसे आप ट्रेनिंग में आज़मा चुके हैं।

भारतीय मौसम में मैराथन की ट्रेनिंग

  • सीज़न: भारत की ज़्यादातर मैराथन अक्टूबर से फ़रवरी के बीच होती हैं, यानी आपके लॉन्ग रन मानसून और शुरुआती सर्दी में पड़ेंगे। तेज़ बारिश वाले दिनों के लिए इनडोर या छत वाली जगह का विकल्प पहले से सोचकर रखें।
  • गर्मी और उमस: लॉन्ग रन सुबह-सुबह करें और मौसम के हिसाब से पेस बदलें। समुद्र किनारे के शहरों में सर्दी में भी उमस रहती है, इसलिए पानी और इलेक्ट्रोलाइट लेने की प्रैक्टिस उन्हीं हालात में करें।
  • हवा की गुणवत्ता: उत्तर भारत में नवंबर से जनवरी तक लॉन्ग रन और भारी सेशन से पहले AQI देखें। "ख़राब" (201+) वाले दिनों में मुश्किल वर्कआउट इनडोर करें या छोटा कर दें।
  • रेस का समय: कई रेस सुबह 4:30 से 6:30 के बीच शुरू होती हैं। नाश्ते समेत सुबह-सुबह लॉन्ग रन की प्रैक्टिस करें, ताकि रेस-डे का रूटीन जाना-पहचाना लगे।

टेपर और रेस-डे

आख़िरी 2–3 हफ़्तों में साप्ताहिक दूरी धीरे-धीरे घटाएँ (हर हफ़्ते लगभग 20–40%), पर मैराथन पेस वाले छोटे रन जारी रखें। टेपर के दौरान बेचैनी या सुस्ती लगना आम बात है; इसका मतलब यह नहीं कि फ़िटनेस घट गई है।

रेस-डे पर पहला आधा हिस्सा गोल पेस पर या उससे थोड़ा धीमा दौड़ें। दूसरा हाफ़ पहले जितना या उससे तेज़ दौड़ना अच्छी मैराथन का सबसे भरोसेमंद तरीक़ा है; तेज़ पहला हाफ़ आख़िरी 10 किमी को सबसे मुश्किल बनाने का सबसे पक्का तरीक़ा है।

यह ट्रेनिंग की सामान्य जानकारी है, डॉक्टरी सलाह नहीं। पहली मैराथन से पहले मेडिकल चेक-अप कराएँ, ख़ासकर अगर आपकी उम्र 40 से ज़्यादा है, दिल की कोई बीमारी है या आप नियमित व्यायाम नहीं करते रहे हैं।

अपना पेस निकालें

लक्ष्य समय से रेस पेस निकालें, या हाल की किसी रेस से अपने ईज़ी, थ्रेशोल्ड और इंटरवल पेस जानें।

भारत में आने वाली रेस

पूरा रेस कैलेंडर देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या 12 हफ़्ते में मैराथन की तैयारी हो सकती है?

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हाँ, अगर आप पहले से नियमित दौड़ते हैं और एक हाफ मैराथन पूरी कर चुके हैं। यह बेस न हो और यह आपकी पहली मैराथन हो, तो 16–20 हफ़्ते रखें।

पहली मैराथन के लिए हफ़्ते में कितने किलोमीटर दौड़ना चाहिए?

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पहली मैराथन के ज़्यादातर प्लान 4 रन में हफ़्ते के 40–55 किमी पर पीक करते हैं। अनुभवी रनर अपने लक्ष्य के हिसाब से 55–100 किमी तक जाते हैं।

क्या रेस से पहले 42 किमी दौड़ना ज़रूरी है?

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नहीं। ज़्यादातर प्लान 30–32 किमी के लॉन्ग रन पर पीक करते हैं। ट्रेनिंग में पूरी दूरी दौड़ने से चोट का ख़तरा और रिकवरी का समय बढ़ता है, फ़ायदा ज़्यादा नहीं मिलता।

"वॉल से टकराना" क्या है और इससे कैसे बचें?

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यह वह अचानक थकान है जो कई रनर को 30 किमी के बाद महसूस होती है, जब जमा कार्बोहाइड्रेट कम हो जाता है। पहला हाफ़ संभलकर दौड़ें, रेस से 1–2 दिन पहले कार्ब-लोड करें और रेस में हर घंटे 60–90 ग्राम कार्बोहाइड्रेट लें।

पहली मैराथन के लिए अच्छा समय क्या है?

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पहली बार दौड़ने वाले ज़्यादातर लोग 4 से 6 घंटे में मैराथन पूरी करते हैं। पहली बार में किसी टाइम से बेहतर लक्ष्य है मज़बूती से और बिना चोट के फ़िनिश करना।

किसी ख़ास भारतीय मैराथन की तैयारी कैसे करें?

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इस पेज पर दिए रेस-स्पेसिफ़िक प्लान में से अपनी रेस का प्लान चुनें। उसमें बिल्ड और टेपर रेस-डे के हिसाब से तय होते हैं, और रूट, आम मौसम और स्टार्ट टाइम का ध्यान रखा जाता है।

दूसरे रनिंग लक्ष्य